6.59.39
स तम् गृहीत्वा अनिल तुल्य वेगम् | सविस्फुलिन्ग ज्वलन प्रकाशम् | बाणम् महा इन्द्र अशनि तुल्य वेगम् | चिक्षेप सुग्रीव वधाय रुष्टह्