6.25.34प्रहृष्ट रूपा ध्वजिनी वन ओकसाम् | वनौकसाम् सम्प्रति योद्धुम् इच्चताम् | अलम् विरोधेन शमो विधीयताम् | प्रदीयताम् दाशरथाय मैथिली