5.8.5विशेषमालम्ब्य विशेषसंस्थितम् | विचित्रकूटम् बहुकूटमण्डितम् | मनोऽभिरामम् शरद्न्दुनिर्मलम् | विचित्रकूटम् शिखरम् गिरेर्यथा