6.69.91नर अन्तकः क्रोध वशम् जगाम | हतम् तुरगम् पतितम् निरीक्ष्य | स मुष्टिम् उद्यम्य महा प्रभावो | जघान शीर्षे युधि वालि पुत्रम्