6.14.8
न यक्षगन्धर्वमहोरगेभ्यो | भयम् न सम्ख्ये पतगोरगेभ्यः | कथम् नु रामाद्भविता भयम् नो | नरेन्द्रपुत्रात्समरे कदाचित्