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विवेश नलिनीम् रम्याम् पंकजैः च समावृताम् | तिलकाशोकपुंनागबकुलोद्दालकाशिनीम् - यद्वा - तिलक अशोक पुन्नाग बकुल उद्दाल काशिनीम्