5.47.33
स तम् परित्यज्य महारथो रथम् | सकार्मुकः खड्ग धरः खम् उत्पतत् | तपो अभियोगात् ऋषिः उग्र वीर्यवान् | विहाय देहम् मरुताम् इव आलयम्