4.30.29
संप्रति अनेक आश्रय चित्र शोभा लक्ष्मीः शरत् काल गुण उपपन्ना | सूर्य अग्र हस्त प्रतिबोधितेषु पद्माकरेषु अभ्यधिकम् विभाति