6.59.9
स नीलजीमूतनिकाशरूपै | र्मांस अशनैह् पावक दीप्त नेत्रैह् | बभौ वृतो राक्षस राज मुख्यैर् | भूतैर् वृतो रुद्र;इव अमर ईशह्