5.37.66स मे हरि श्रेष्ठ सलक्ष्मणम् पतिम् | सयूथपम् क्षिप्रम् इह उपपादय | चिराय रामम् प्रति शोक कर्शिताम् | कुरुष्व माम् वानर मुख्य हर्षिताम्