5.47.1
सेना पतीन् पन्च स तु प्रमापितान् | हनूमता सानुचरान् सवाहनान् | समीक्ष्य राजा समर उद्धत उन्मुखम् | कुमारम् अक्षम् प्रसमैक्षत अक्षतम्