यथा नग अग्रम् बहु धातु चित्रम् । यथा नभः च ग्रह चन्द्र चित्रम् । ददर्श युक्ती कृत मेघ चित्रम् । विमान रत्नम् बहु रत्न चित्रम् ॥८॥
5.7.8 #03289774dd98
यथा नग अग्रम् बहु धातु चित्रम् । यथा नभः च ग्रह चन्द्र चित्रम् । ददर्श युक्ती कृत मेघ चित्रम् । विमान रत्नम् बहु रत्न चित्रम् ॥८॥
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