गिरि वरम् अभितो अनुवर्तमानो । हय इव मण्डलम् आशु यः करोति । तम् इह शरणम् अभ्युपेहि देवि दिवस करम् प्रभवो ह्ययम् प्रजानाम् ॥३९॥
6.33.39 #9f70bd8ffa98
गिरि वरम् अभितो अनुवर्तमानो । हय इव मण्डलम् आशु यः करोति । तम् इह शरणम् अभ्युपेहि देवि दिवस करम् प्रभवो ह्ययम् प्रजानाम् ॥३९॥
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